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लुटेरों को लूट रहे हैं पटना पुलिस

बिहार में इन दिनों अपराधी आम आदमी और व्यवसायियों को लूट रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पटना पुलिस लुटेरों को ही अपना निशाना बना रही है। पटना के बेउर जेल से एक खबर सामने आई है जहां थानेदार लुटेरों को लूट कर अपनी जेब भर रहे हैं। आपको बता दें बेउर का थानेदार अपने सहयोगियों के साथ लुटेरों से 200000 लूटने के आरोप में गिरफ्तार हो गया। वैसे भी यह मामला बेऊर थाने के लिए कोई नया नहीं है। वहीं इससे पहले भी बेऊर  पुलिस पर लुटेरों को लूटने और घूसखोरी का आरोप लगते रहे है। इसकी कई बार तो जांच तो हुई , लेकिन कई बार थानेदार बच भी गए ।

बता दें 2017 में भी बेउर के थानेदार से लेकर दरोगा तक घूसखोरी का आरोप लगा था। तब डीआईजी सेंट्रल रेंज ने इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही तक करीब 40 पुलिसकर्मियों को एक साथ लाइन हाजिर कर दिया था। उस समय शराब माफियाओं से अवैध वसूली का आरोप प्रमाणित हुआ था। वहीँ बेउर थाना पुलिस की शराब माफियाओं से मिलीभगत का मामला आने पर थानेदार धीरेंद्र पांडेय से लेकर मुंशी तक को लाइन हाजिर कर दिया गया। बता दें इसकी कार्रवाई डीआईजी शालीन के आदेश के बाद एसएसपी मनु महाराज ने की। पांडेय की जगह राकेश कुमार यादव को नया थानेदार बनाया गया है। वहीँ एसएसपी ने बताया कि सिटी एसपी वेस्ट रवींद्र कुमार जांच कर रहे हैं। जांच सही होने पर दोषी पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।

दरअसल 28 जनवरी को बेउर पुलिस ने भारी मात्रा में शराब के साथ माफियाओं को पकड़ा था लेकिन  लेनदेन कर छोड़ दिया गया। बताया तो यह भी जा रहा है कि किसी ने उस डील का वीडियो बना लिया और वरीय पुलिस अफसरों को दे दी। वहीं पूरे थाना को लाइन हाजिर करने के बाद 4 पुलिस कर्मियों को बर्खास्त भी किया गया था।

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